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प्रेम के रोग बीमारी नियर ...

Posted On: 26 Sep, 2011 Others में

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आप सभी आदरणीय को  नमस्कार !


 काफी दिनों से ब्यस्त योजना की वजह से मैं उपस्थित नहीं हो पाया इसके लिए क्षमा चाहूँगा . 

एक बार फिर उपस्थित हूँ एक ठेठ रचना के साथ. आप सबके आशीर्वाद की अपेक्षा बेशब्री से है.

यह  रचना एक  प्रेमिका की बिरह ब्यथा है. जो वर्षो से अपने प्रीतम के इन्तेजार में पल-पल बिता रही है .

और एक दिन अपने प्रीतम की आने की खबर सुन कर भाव विभोर हो जाती है |

और बाकि आपके सामने प्रस्तुत है ….कृपया मेरे त्रुटियों को बेझिझक सुझाए .


 

सुनके खबर आवे के रउरो, images2
जाग के रात बितावत बानी.
भोर भइल मन मोर भइल,
पुआ पकवान बनावत बानी.
देख दोपहरी बेचैन भइल मन,

कंठ के काहे सुखावत बानी.
अब जिन देर करी प्रीतम,

मन में इहे बात दुहरावत बानी.


 images

मन में ख़ुशी नयन में पानी ,
लेके राह तिकावत बानी,
अखिया बिछल राह में रउरे,
आदर सहित बुलावत बानी.
प्रेम स्नेह से ब्याकुल बा मन,
भरी परात नयन के पानी.
मन हर्षित चहू ओर देखत बा,
केने से रऊआ आवत बानी.



सोलहो सृंगार से देह भरल,images5
गहना से बदन छुपावत बानी.
प्राण-प्रिय के निक लागब का ,
शीशा में मुह निहारत बानी.
पल-पल बीते महिना नियर,
तन के ब्याकुलता बढ़ावत बानी.
बाट निहारे में बीत गइल दिन,
साझ के दीप जलावत बानी.



 

images4

प्रेम के रोग बीमारी नियर,
कैसे होई रोग से दूर, जवानी .
कौनो खबर न कौनो पता ,

फिर भी मन के बहलावत बानी,
हे प्रिय देर करी जनि अईसे,
हाथ जोरी बिनती करितानी .
अखियाँ बिछल राह में राउरे
आदर सहित बुलावत बानी.



आप सबका शुभचिंतक
   अमित देहाती

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31 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Abhay Singh के द्वारा
October 14, 2011

वाह अमित जी बहुत बढ़िया लागल आप क गीत | वाकई बहुत सुन्दरता से आप एके सजवले बानी . और पिक्चर भी बहुत बढ़िया . बधाई

    Amit Dehati के द्वारा
    October 20, 2011

    कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!!!!

Abhay Singh के द्वारा
October 14, 2011

वाह अमित जी बहुत बढ़िया लागल आप क गीत | वाकई बहुत सुन्दरता से आप एके सजवले बानी . और पिक्चर भी बहुत बढ़िया . बधाई.

    Amit Dehati के द्वारा
    October 20, 2011

    सबसे पहले आपका बहुत बहुत स्वागत है ..| कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!!!!!!

Pradeep Kumar के द्वारा
September 30, 2011

Amit jee aapko mera sat-sat pranam jo aapne uprokt pathyanse jo panktiyan likhi hai wo panktiya mujhe aur mere sah pathiyo ko kafi achhi lagi hai jo aapne aprokt pankti likhi hai , uasase hamari adhyapika bhi kafi prasann aur prabhawit hui hai. dhanybaad … aise hi bhavishy me bhi likhte rahe. Pradeep

    Amit Dehati के द्वारा
    October 20, 2011

    बहुत बहुत आभार!

Pradeep Kumar के द्वारा
September 30, 2011

Amit jee aapko mera sat-sat pranam jo aapne uprokt pathyanse jo panktiyan likhi hai wo panktiya mujhe aur mere sah pathiyo ko kafi achhi lagi hai jo aapne aprokt pankti likhi hai , uasase hamari adhyapika bhi kafi prasann aur prabhawit hui hai. dhanybaad … aise hi bhavishy me bhi likhte rahe. aapka shubhchintak Pradeep

    Amit Dehati के द्वारा
    October 20, 2011

    कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

abodhbaalak के द्वारा
September 29, 2011

अमित जी बहुत दिन के बाद दर्शन हुए हैं आपके और आते ही आपने समां बंद दिया…. सुन्दर ग़ज़ल, जैसा की आप हमेशा ही…. http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    Amit Dehati के द्वारा
    October 20, 2011

    अबोध जी, बहुत बहुत धन्यबाद . आप आशीर्वाद देते रहे.. देर से रेप्लय देने के लिए ….

roshni के द्वारा
September 27, 2011

अमित देहाती ; जी बहुत ही अच्छी विरह रस की कविता रची अपने .. आभार

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    आदरणीय रौशनी जी ! काफी दिनों बाद आपके दर्शन हुए ..बहुत बहुत धन्यबाद | कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

krishnashri के द्वारा
September 27, 2011

बहुत बढियां बा गुरु |इंतजार क पल हमेशा सुन्दर होला |

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    आदरणीय कृष्णा जी ! सबसे पहले आपका बहुत बहुत स्वागत है ..| कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

Santosh Kumar के द्वारा
September 27, 2011

अमित भाई जी ,.सादर नमस्कार भोजपुरी ना ज्ञान न होने से मैं पूरा अर्थ तो नहीं समझा लेकिन भाव और आपके अंदाज ,..बेहतरीन शानदार ,.हार्दिक बधाई

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    आदरणीय संतोष सर ! सबसे पहले आपका बहुत बहुत स्वागत है ..| भोजपुरी भाषा बहुत ही सरल है …अगर तोड़ा सा ध्यान देंगे तो समझ में आ जायेगा .| ये जानकर मुझे काफी ख़ुशी हुई की आपको मेरी रचना का भाव समझ में आ गया … मैं आपका तहे दिल से आभारी

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

Tamanna के द्वारा
September 27, 2011

बहुत बढ़िया कविता अमित जी,

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    सबसे पहले आपका बहुत बहुत स्वागत है ..| आदरणीय तमन्ना जी ! कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

Jaydeep के द्वारा
September 27, 2011

बहुत ही सुन्दर रचना बा . सच में बहुत खूब . बहुत ढेर दिन पर राउर दर्शन भइल | बहुत बहुत धन्यबाद | ऐसाही लिखत रही .

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    सबसे पहले आपका बहुत बहुत स्वागत है ..| कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

Alka Gupta के द्वारा
September 27, 2011

अमित जी , एक लम्बे अन्तराल के बाद अनुपम शैली में निराली छटा बिखेरती हुई मनोहारी काव्य रचना पढने को मिली ! शुभकामनायें !

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    आदरणीय अलका जी ! ये आप सबका आशीर्वाद है ….कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

syeds के द्वारा
September 27, 2011

अमित जी, इस मंच पर बहुत कम भोजपुरी रचनाएँ पढने का मौका मिलता है…बेहद सुन्दर रचना…बधाईयाँ http://syeds.jagranjunction.com

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    आदरणीय ! कृपया युही हौसला अफजाई करते रहे… बहुत बहुत आभार!

Amita Srivastava के द्वारा
September 26, 2011

अमित जी , इस मंच पर अच्छी भोजपुरी कविता पढ़ने को मिली ,बधाई………..

    Amit Dehati के द्वारा
    September 28, 2011

    अमिता जी आपका हार्दिक स्वागत है ! यह जानके ख़ुशी हुई की मेरी रचना आपको अछि लगी…. प्रयाश करूँगा, आगे भी आपको अच्छा लगे . धन्यबाद !

Rajkamal Sharma के द्वारा
September 26, 2011

भूल गए है हम हंसना अरे निर्मोही जब से तुम विदेश गए हो हमारी शायरी तो ले ही गए संग अपने मुशायरे भी ले गए हो :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o http://rajkamal.jagranjunction.com/2011/09/26/“वेश्यावृत्ति-को-कानूनी/

    Amit Dehati के द्वारा
    September 27, 2011

    हा हा हा हा हः …… आदरणीय राजकमल जी नमस्कार , आपसे आशीर्वाद की अपेक्षा है ….हम बहुत जल्द वापिस आयेंगे … आपने आपना बहुमूल्य समय मेरे लिए निकला बहुत बहुत धन्यबाद !

Dr.KAILASH DWIVEDI के द्वारा
September 26, 2011

अमित जी , सादर नमस्कार ! आपकी रचनाएँ एक अलग अंदाज में पढने को मिलती हैं एक विरहणी का अपने प्रियतम से मिलन की आस की सुन्दर भावयुक्त अभिव्यक्ति | अच्छी पोस्ट के लिए बधाई !

    Amit Dehati के द्वारा
    September 27, 2011

    आदरणीय कैलाश जी नमस्कार , मुझे जानकर खुसी हुई की आपको मेरी रचना अछि लगी …बहुत जल्द अछे कलेक्सन के साथ प्रस्तुत होऊंगा …..बस आप आशीर्वाद देते रहिये… धन्यबाद !


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